प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में 18,530 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बड़े औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें दारंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बीएससी नर्सिंग कॉलेज जैसे स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं। पीएम मोदी ने गुवाहाटी रिंग रोड प्रोजेक्ट का शिलान्यास करते हुए कहा कि असम की धरती पर आना उनके लिए बेहद पवित्र अनुभव है। उन्होंने बताया कि यह उनकी ऑपरेशन सिंदूर के बाद असम की पहली यात्रा है और यह अवसर और भी खास इसलिए है क्योंकि इस क्षेत्र में जन्माष्टमी का पर्व भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा नीति में उन्होंने श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र को एक प्रतीक के रूप में रखा है, जो राष्ट्र की शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
कांग्रेस पर तीखा प्रहार
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असम के गौरव और भारत रत्न से सम्मानित भूपेन हजारिका जी का अपमान कांग्रेस द्वारा किया गया। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने भूपेन दा को भारत रत्न से सम्मानित किया, तो कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने यह टिप्पणी की कि “मोदी गाने-बजाने वालों को भारत रत्न दे रहे हैं।” यह सुनकर उन्हें गहरी पीड़ा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी नेता या कार्यकर्ता पर चाहे कितनी भी गालियां क्यों न दी जाएं, वे उसे सहन कर सकते हैं क्योंकि वे भगवान शिव के भक्त हैं, लेकिन जब देश के गौरव का अपमान किया जाता है तो वे इसे सहन नहीं कर सकते। इस दौरान एक बच्चा उनकी माता जी की तस्वीर लेकर सभा में पहुंचा, जिसे देखकर प्रधानमंत्री भावुक हो उठे।
1962 के युद्ध और भूपेन दा की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय पंडित नेहरू के बयानों ने उत्तर-पूर्व की जनता के दिलों पर गहरे घाव छोड़े, जिनका दर्द आज भी बाकी है। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में भूपेन हजारिका जी ने अपने गीतों से पूरे देश को ऊर्जा और साहस से भर दिया था। उनका गाना उस समय देशवासियों के लिए प्रेरणा बना और आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। पीएम मोदी ने कहा कि यही जज़्बा हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी देखा, जब भारत ने पाकिस्तान की आतंकी साज़िशों का करारा जवाब दिया। आज नया भारत अपने दुश्मनों को कहीं भी सुरक्षित नहीं रहने देगा और न ही अपनी सुरक्षा और आत्मसम्मान से कोई समझौता करेगा।
पूर्वोत्तर भारत की भूमिका और भविष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का अगला चरण पूर्वी भारत और खासकर पूर्वोत्तर भारत का होगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में असम से ही 6,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है। यह दर्शाता है कि डबल इंजन सरकार असम को कनेक्टिविटी और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज का युवा विकसित भारत का सपना देख रहा है और उसे पूरा करने का संकल्प भी ले रहा है। असम और पूरा पूर्वोत्तर इस सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं से न केवल असम का कायाकल्प होगा, बल्कि पूरा उत्तर-पूर्व आत्मनिर्भर और आत्मसम्मान से भरा हुआ भारत बनाने में योगदान देगा।







