भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद भी कांग्रेस ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया। भाजपा का कहना है कि इसकी वजह कांग्रेस का पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रति “अटूट प्रेम” है। यह बयान कांग्रेस की प्रवासी मामलों की इकाई (Indian Overseas Congress) के प्रमुख और राहुल गांधी के करीबी सहयोगी सैम पित्रोदा की टिप्पणी के बाद सामने आया। पित्रोदा ने हाल ही में कहा कि जब वे पाकिस्तान गए थे, तो उन्हें वहां “घर जैसा” महसूस हुआ।
सैम पित्रोदा की टिप्पणी पर भाजपा का हमला
सैम पित्रोदा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि 26/11 हमले के बाद भी तत्कालीन यूपीए सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा — “पाकिस्तान का पसंदीदा, कांग्रेस का पसंदीदा।” भाजपा नेताओं का मानना है कि पित्रोदा की यह टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता और पाकिस्तान के प्रति उसके रवैये को साफ़ तौर पर उजागर करती है।
भाजपा प्रवक्ताओं के तीखे आरोप
भाजपा प्रवक्ता शाहज़ाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से पाकिस्तान के प्रति गहरी सहानुभूति रखती आई है। पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने न केवल हाफिज सईद से यासीन मलिक के ज़रिए संपर्क साधा, बल्कि 26/11 मुंबई हमले, समझौता एक्सप्रेस विस्फोट, पुलवामा आतंकी हमला और पहलगाम हमले में भी पाकिस्तान को क्लीन चिट दी। उनका कहना था कि कांग्रेस धारा 370 पर भी पाकिस्तान के साथ खड़ी दिखाई दी और सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) में पाकिस्तान को 80 प्रतिशत पानी देने का समर्थन किया।
कांग्रेस पर “इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस” का तंज
भाजपा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) अब “इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस” बन चुकी है। भाजपा प्रवक्ताओं के अनुसार, कांग्रेस का इतिहास पाकिस्तान को हर मोर्चे पर राहत देने और उसके प्रति नर्म रवैया अपनाने का रहा है। वहीं सत्ताधारी भाजपा का दावा है कि उनकी सरकार ने हमेशा आतंकवाद और पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सैम पित्रोदा की टिप्पणी ने एक बार फिर भाजपा को कांग्रेस पर पाकिस्तान समर्थक रुख का आरोप लगाने का मौका दे दिया है, जिससे दोनों दलों के बीच सियासी जंग और तेज हो गई है।







