हिमाचल प्रदेश के मंत्री और शिमला रूरल से विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को दूसरी शादी की। उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. अमृत कौर से विवाह किया। इस खास अवसर पर शादी का समारोह सेक्टर 11, चंडीगढ़ के एक गुरुद्वारे में संपन्न हुआ। शादी के बाद दोनों नवविवाहित शिमला के लिए रवाना हुए। विक्रमादित्य सिंह के निवास, हॉली लॉज, में सोमवार शाम रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जहां उन्हें भव्य स्वागत मिला।
विवाह समारोह और निजी माहौल
शादी का समारोह पूरी तरह निजी रखा गया था। इसमें केवल परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए। विक्रमादित्य सिंह ने पहली शादी 8 मार्च 2019 को राजस्थान के राजसमंद जिले के एमेठ एस्टेट की मूल निवासी सुदर्शन चूंदावत से की थी। लेकिन कुछ व्यक्तिगत मतभेदों के कारण यह जोड़ी लगभग दो महीने पहले तलाक लेकर अलग हो गई थी। इस बार उनका विवाह अपने करीबी और प्रियजनों के बीच संपन्न हुआ।
विक्रमादित्य सिंह की नई दुल्हन
विक्रमादित्य सिंह की दूसरी पत्नी डॉ. अमृत कौर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। दोनों की दोस्ती लगभग 8-9 साल पुरानी है। इस दौरान विक्रमादित्य सिंह अक्सर चंडीगढ़ का दौरा करते रहे और इसी दौरान दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध विकसित हुए। अब उनका रिश्ता विवाह के बंधन में बदल गया है और दोनों ने अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और पहचान
विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह और उनकी दूसरी पत्नी प्रतिभा सिंह के पुत्र हैं। वर्तमान में वह शिमला रूरल से विधायक हैं और राज्य सरकार में सार्वजनिक निर्माण मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में मंडी सीट से बीजेपी की कंगना रनौत के खिलाफ चुनाव लड़ने का प्रयास किया था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। उनके राजनीतिक करियर और अब निजी जीवन की नई शुरुआत ने उन्हें एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।







