संजू सैमसन, जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन शतक जड़े हैं, एक समय अपने करियर में सही दिशा नहीं पा रहे थे। उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ज्यादा मौके नहीं मिल रहे थे। जनवरी 2023 से जनवरी 2024 के बीच उन्होंने मात्र 6 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। 2024 टी20 विश्व कप में मौका मिलने की उम्मीद थी, लेकिन विकेटकीपर के रूप में ऋषभ पंत के चयन के कारण वह बेंच पर बैठे रहे। यह उनके लिए बहुत निराशाजनक रहा।
गौतम गंभीर और सुर्यकुमार यादव ने दिया हौसला
संजू ने पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन के यूट्यूब चैनल पर बताया कि कप्तान सुर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर के आने के बाद उनका करियर पटरी पर आया। उन्होंने कहा कि एक दिन सुर्यकुमार यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में सात मैचों में खेलने का मौका देंगे। हालांकि शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में शून्य पर आउट होकर वे निराश थे। तब गौतम गंभीर ने उनसे कहा कि वे उन्हें तब तक टीम से बाहर नहीं करेंगे जब तक वे 21 बार डक (शून्य) पर आउट न हों। इस भरोसे और हौसले ने संजू का मनोबल बढ़ाया।
तीन शतकों के साथ शानदार वापसी
इस विश्वास और समर्थन के बाद संजू ने अगले 7 मैचों में तीन शतक जड़े, जिनमें से दो विदेशी धरती पर थे। उनकी वापसी के बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने उनसे ज्यादा रन नहीं बनाए हैं। संजू ने अब तक 42 टी20आई मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 25.32 की औसत से 861 रन बनाए हैं। इसमें तीन शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, 16 एकदिवसीय मैचों में उन्होंने 56.66 की औसत से 510 रन बनाए हैं।
भारतीय बल्लेबाजों के बीच संजू का प्रदर्शन सबसे बेहतर
10 जुलाई 2024 से अब तक के रिकॉर्ड के अनुसार संजू ने 16 पारियों में 486 रन बनाए हैं, जिनमें तीन शतक और एक अर्धशतक शामिल है। इस दौरान अभिषेक शर्मा ने 435 रन, तिलक वर्मा ने 413 रन, हार्दिक पांड्या ने 320 रन और सुर्यकुमार यादव ने 258 रन बनाए हैं। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि संजू ने अपनी निरंतरता और उत्कृष्टता के साथ भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
संजू सैमसन की कहानी यह दर्शाती है कि सही समर्थन और हौसले के साथ हर खिलाड़ी अपने करियर में कठिन दौर से उबर सकता है। गौतम गंभीर और सुर्यकुमार यादव ने संजू को वह भरोसा दिया, जिसने उन्हें शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। आज संजू न केवल टीम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज हैं बल्कि युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।







