वॉकिंग को स्वास्थ्य के लिए सबसे सरल और असरदार व्यायाम माना जाता है। यह न केवल वजन नियंत्रित करने में मदद करती है बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव करती है। वॉकिंग डायबिटीज़, हृदय रोग और मोटापा जैसी समस्याओं में भी लाभकारी साबित होती है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए वॉकिंग की समयावधि और गति अलग हो सकती है। चलिए जानते हैं कि किसके लिए कितनी देर चलना फायदेमंद है।
डायबिटीज़ में वॉकिंग की समयावधि
डायबिटीज़ रोगियों को रोजाना वॉक करना अनिवार्य माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 10,000 कदम चलना डायबिटीज़ के लिए फायदेमंद है। अगर इतने कदम चलना मुश्किल हो या थकान महसूस हो, तो कम से कम 30 मिनट रोजाना वॉक जरूर करें। एक डायबिटीज़ रोगी को दिनभर में लगभग 6400 कदम या 3-4 किलोमीटर तेज गति से चलना चाहिए। इस तरह की वॉकिंग से ब्लड शुगर जल्दी नियंत्रित होती है। रोगियों को हफ्ते में कम से कम 5 दिन वॉक करना चाहिए।
हृदय रोग से बचाव के लिए वॉकिंग
दिल को स्वस्थ रखने के लिए भी वॉकिंग बहुत जरूरी है। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टिट्यूट के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ बताते हैं कि हृदय रोग से बचाव के लिए हफ्ते में 200 मिनट तेज वॉक करनी चाहिए। इसे आप 5 दिन में 40 मिनट प्रतिदिन के हिसाब से पूरा कर सकते हैं। इसमें 5 मिनट वार्म-अप और 5 मिनट कूल-डाउन भी शामिल करना चाहिए। इस प्रकार की वॉकिंग हृदय को मजबूत बनाती है और हार्ट अटैक व अन्य हृदय रोगों के जोखिम को कम करती है।
वजन घटाने के लिए वॉकिंग
वजन कम करने के लिए रोजाना 45 मिनट से 1 घंटे की तेज वॉक करना सबसे प्रभावी तरीका है। मोटापे को कम करने के लिए ऐसी गति में चलना चाहिए जिससे शरीर में पसीना आने लगे। इस दौरान 10,000 कदम रोजाना पूरा करना जरूरी है। किलोमीटर में देखा जाए तो 5 किलोमीटर की तेज वॉक या जॉगिंग वजन घटाने में असरदार साबित होती है। हालांकि उम्र के अनुसार गति और समय तय करना चाहिए। यदि आपकी उम्र 50 वर्ष या उससे अधिक है, तो तेज वॉक के बजाय सामान्य गति से वॉक करना सुरक्षित रहेगा।







