ईरान में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने हाल ही में सभी भारतीय नागरिकों को फौरन ईरान छोड़ने की चेतावनी दी है। यह सलाह 5 और 14 जनवरी 2026 को जारी की गई पूर्व चेतावनी का दोहराव है, लेकिन अब स्थिति और गंभीर बताई जा रही है। छात्र, पर्यटक, तीर्थयात्री और व्यापारी सभी को कमर्शियल फ्लाइट्स समेत उपलब्ध साधनों का उपयोग कर भारत लौटने की सलाह दी गई है। ऐसे समय में यह जानना जरूरी है कि ईरान से भारत आने के कौन-कौन से रास्ते हैं और इनमें सबसे महंगा और सबसे सस्ता विकल्प कौन सा है।
हवाई मार्ग: सबसे तेज और लोकप्रिय विकल्प
ईरान से भारत लौटने का सबसे तेज और सरल तरीका हवाई यात्रा है। सामान्य हालात में Mahan Air तेहरान के इमाम खुमैनी एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए सीधी उड़ानें संचालित करती है, जिनका समय लगभग 3 से 4 घंटे होता है। यदि सीधी उड़ान उपलब्ध न हो, तो यात्री दुबई, मस्कट या दोहा के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेते हैं। कनेक्टिंग फ्लाइट्स का किराया सामान्य समय में ₹11,000 से ₹16,000 तक होता है, जबकि यात्रा का समय लेओवर के कारण 6 से 10 घंटे तक लग सकता है। वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति में किराया और बढ़ सकता है।
समुद्री मार्ग और सबसे महंगा विकल्प
यदि किसी कारण हवाई क्षेत्र बंद हो जाए, तो समुद्री मार्ग एक सुरक्षित विकल्प बन सकता है। ईरान के बंदर अब्बास या चाबहार पोर्ट से मुंबई या नावा शेवा पोर्ट तक जहाज द्वारा पहुंचा जा सकता है। हालांकि यह यात्रा कई दिनों की होती है और आम नागरिकों के लिए नियमित पैसेंजर सेवा सीमित है। सबसे महंगा विकल्प लंबी कनेक्टिंग फ्लाइट्स होती हैं। उदाहरण के लिए, शिराज से दुबई या मस्कट होते हुए कोच्चि या अहमदाबाद तक की उड़ानें ₹35,000 से ₹45,000 तक पहुंच सकती हैं। लंबा लेओवर और अचानक बढ़ी मांग किराया कई गुना बढ़ा देती है।
मौजूदा हालात में व्यावहारिक विकल्प
मौजूदा तनावपूर्ण हालात में हवाई मार्ग सबसे व्यावहारिक और तेज विकल्प माना जा रहा है। यदि सीधी फ्लाइट मिलती है तो यात्रा सबसे आरामदायक होती है, लेकिन सस्ती टिकट के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट बेहतर विकल्प है। समुद्री मार्ग सुरक्षित जरूर है, लेकिन समय ज्यादा लेता है और सामान्य परिस्थितियों में यह नियमित यात्री विकल्प नहीं है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि तुरंत यात्रा की योजना बनाएं और उपलब्ध फ्लाइट्स की जानकारी लगातार अपडेट करते रहें।







