सोमवार की सुबह एशियाई शेयर बाजारों में हल्की बढ़त देखने को मिल रही है। भारतीय समय के अनुसार सुबह 7 बजे हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 37.18 अंकों की तेजी के साथ 24,176.75 पर कारोबार कर रहा था, जो 0.15% की बढ़त है। इसी तरह दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 19.96 अंकों यानी 0.63% की तेजी के साथ 3,195.73 पर पहुंच गया। चीन का SSE कंपोजिट इंडेक्स भी 12.91 अंकों की बढ़त के साथ 3,523.09 पर देखा गया, यानी इसमें 0.37% का उछाल है। हालांकि, जापान का निक्केई इस समय नुकसान में है।
जापान का निक्केई लाल निशान में, 234 अंकों की गिरावट
बाकी एशियाई बाजार जहां बढ़त में दिख रहे हैं, वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। सोमवार सुबह निक्केई 234.92 अंक यानी 0.59% की गिरावट के साथ 39,334.76 पर आ गया। जानकारों का मानना है कि अमेरिका में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध की आशंका के कारण जापानी निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है। इसके अलावा अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते टैरिफ विवाद का असर भी जापानी बाजारों पर दिखाई दे रहा है।

एशियाई बाजारों की रफ्तार थोड़ी धीमी
दूसरी ओर, वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में गिरावट देखने को मिली है, जिससे एशियाई बाजारों की तेजी थोड़ी सीमित रही। S&P 500 फ्यूचर्स और नैस्डैक फ्यूचर्स दोनों में ही 0.4% की गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए टैरिफ युद्ध से जुड़े बयानों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं और वैश्विक बाजारों में थोड़ा दबाव देखने को मिल रहा है।
अमेरिका ने यूरोप और मैक्सिको पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बयान दिया कि वह 1 अगस्त से यूरोपीय यूनियन और मैक्सिको से आने वाले अधिकतर आयात पर 30% टैरिफ लगाएंगे। इस घोषणा के बाद निवेशकों में घबराहट है क्योंकि अमेरिका और इन देशों के बीच इस मुद्दे पर पहले से ही बातचीत चल रही है। यूरोपीय यूनियन ने कहा है कि वह अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की प्रक्रिया को अगस्त की शुरुआत तक टाल देगा, और बातचीत से समाधान निकालने के लिए दबाव बनाए रखेगा। हालांकि जर्मनी के वित्त मंत्री ने इस पर सख्त रुख अपनाने की बात कही है। इस घटनाक्रम से आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है।







