Anil Ambani: इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है। ईडी ने अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों पर छापेमारी की है। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने मुकेश अंबानी के भाई और कारोबारी अनिल अंबानी की कंपनियों पर छापेमारी की है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह छापेमारी मुंबई में की। आपको बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने हाल ही में अनिल अंबानी को धोखेबाज घोषित किया है।
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यह कार्रवाई राष्ट्रीय आवास बैंक, सेबी, राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए), बैंक ऑफ बड़ौदा और सीबीआई द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर की गई है। अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के कई वरिष्ठ अधिकारियों के परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से लिए गए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के ऋण में अवैध हेरफेर और दुरुपयोग का संदेह है।

इस महीने की शुरुआत में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के ऋण खाते में एसबीआई को बड़ा झटका लगा था। बैंक ने इससे पहले दिसंबर 2023, मार्च 2024 और सितंबर 2024 में कंपनी को कारण बताओ नोटिस भेजे थे। कंपनी के जवाब की समीक्षा करने के बाद, बैंक ने कहा कि अनिल अंबानी की कंपनी ने अपने ऋण की शर्तों का पालन नहीं किया है। इसके बाद, अनिल अंबानी को धोखाधड़ी का आरोपी घोषित कर दिया गया।
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ED की कार्रवाई इनपुट के आधार पर
ED की कार्रवाई राष्ट्रीय आवास बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए), बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई नियामकों और वित्तीय संस्थानों से प्राप्त जानकारी और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज दो प्राथमिकियों के आधार पर की गई।
रिपोर्टों के अनुसार, Anil Ambani समूह से जुड़े वरिष्ठ व्यावसायिक अधिकारियों के आवासों पर भी तलाशी ली जा रही है। ED का दावा है कि उसे जनता के धन के गबन की एक सुनियोजित योजना के सबूत मिले हैं। जाँच में पाया गया है कि इस प्रक्रिया में बैंकों, शेयरधारकों, निवेशकों और सार्वजनिक संस्थानों सहित कई संस्थाओं को गुमराह किया गया या उनके साथ धोखाधड़ी की गई।
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Yes Bank के Loans की भी जाँच चल रही
रिपोर्टों के अनुसार, ED की जाँच 2017 और 2019 के बीच यस बैंक से लिए गए 3,000 करोड़ रुपये के Loans के संदिग्ध अवैध हस्तांतरण पर केंद्रित है। ईडी अधिकारियों के अनुसार, Loan वितरण से कुछ समय पहले ही यह धनराशि बैंक के प्रवर्तकों से जुड़ी संस्थाओं को हस्तांतरित कर दी गई थी।
अधिकारियों ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से संबंधित जानकारी ED के साथ साझा की है। कंपनी का कॉर्पोरेट ऋण वित्त वर्ष 2017-18 में 3,742.60 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2018-19 में 8,670.80 करोड़ रुपये हो गया है। यस बैंक के पूर्व प्रवर्तकों से जुड़े रिश्वतखोरी के पहलू की भी समीक्षा की जा रही है।
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SBI ने आरकॉम और Anil Ambani को ‘धोखेबाज’ घोषित किया
ED का यह नवीनतम कदम एसबीआई द्वारा हाल ही में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) को ‘धोखेबाज’ घोषित करने के बाद आया है। धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन और इसकी आंतरिक नीतियों पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 13 जून, 2025 को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, एसबीआई ने कंपनी और उसके प्रमोटरों को इस श्रेणी में चिन्हित किया है।








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