रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कंपनी की 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि रिलायंस की टेलीकॉम इकाई जियो अगले साल की पहली छमाही में अपना आईपीओ (IPO) लेकर आएगी और इसे शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी जियो ने अपने 10 साल के सफर में ही 50 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है। अंबानी का कहना है कि यह आईपीओ निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक अवसर साबित होगा और यह दिखाएगा कि जियो भी दुनिया की अन्य बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियों की तरह विशाल वैल्यू क्रिएट करने में सक्षम है।
जियो का आईपीओ निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर
मुकेश अंबानी ने कहा कि आने वाले समय में जियो की योजनाएँ और भी महत्वाकांक्षी होंगी। हालाँकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आईपीओ में कितने शेयर बाजार में उतारे जाएंगे, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि जियो लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकती है। इस समय RIL के पास जियो प्लेटफ़ॉर्म्स में 66.3% हिस्सेदारी है, जबकि फेसबुक (Meta) के पास 10% और गूगल के पास 7.7% हिस्सेदारी है। इसके अलावा प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के पास शेष 16 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कुछ साल पहले जियो प्लेटफ़ॉर्म्स ने फेसबुक, गूगल, KKR, सिल्वर लेक और अन्य वैश्विक निवेशकों से 1.52 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। जानकारों के मुताबिक, जियो का एंटरप्राइज वैल्यू 136 से 154 बिलियन डॉलर के बीच आंका जा रहा है। यदि आईपीओ इस मूल्यांकन पर लाया जाता है, तो जियो दुनिया की छठी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन सकती है।

जियो की वित्तीय मजबूती और उपलब्धियाँ
वित्त वर्ष 2024-25 में जियो का राजस्व 1.28 लाख करोड़ रुपये रहा और EBITDA (ब्याज, कर और मूल्यह्रास से पहले का लाभ) 64,170 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष की जून तिमाही में जियो प्लेटफ़ॉर्म्स का शुद्ध लाभ लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर 7,110 करोड़ रुपये हो गया। अंबानी ने कहा कि फ्री कॉल्स से लेकर देशभर में सबसे तेज़ 5G सेवा लॉन्च करने तक, जियो ने कई ऐसे काम किए हैं जो पहले अकल्पनीय थे। उन्होंने इसे भारत में AI क्रांति की नींव बताते हुए कहा कि जियो हर भारतीय को मोबाइल और ब्रॉडबैंड से जोड़ेगा और घर-घर डिजिटल सेवाएँ पहुँचाएगा। साथ ही यह छोटे-बड़े सभी व्यवसायों के लिए एक सुरक्षित और सरल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म भी मुहैया कराएगा। अंबानी का कहना था – “हमारा मंत्र है कि AI सबके लिए और हर जगह उपलब्ध हो।”
जियो का अंतरराष्ट्रीय विस्तार और नई दिशा
मुकेश अंबानी ने यह भी घोषणा की कि जियो अब अपनी स्वदेशी तकनीक के दम पर भारत के बाहर अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी कदम रखेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जियो का भविष्य अब तक की यात्रा से कहीं अधिक उज्ज्वल होगा। इस मौके पर जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि जियो का 50 करोड़ ग्राहकों का आधार अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की कुल जनसंख्या से भी अधिक है। आज जियो दुनिया में सबसे ज्यादा वायरलेस डेटा ट्रैफिक संभाल रहा है। आकाश ने कहा कि जियो का अगला विकास इंजन माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) और बड़े व्यवसायों के लिए डिजिटल समाधान होंगे। उनके अनुसार, यह केवल डिजिटलीकरण नहीं बल्कि एंटरप्राइज लेवल टेक्नोलॉजी का लोकतंत्रीकरण है। जियो अब एक ऐसी डीप टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में स्थापित हो चुकी है जिसकी पूरी तकनीकी संरचना भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित की गई है।







