आज के समय में फेसबुक इंस्टाग्राम एक्स और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हमारे जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। इनका सही इस्तेमाल हमें दुनिया से जोड़ता है लेकिन थोड़ी सी लापरवाही हमें साइबर अपराधियों के जाल में फंसा सकती है। लाखों लोग रोज़ाना इन प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव रहते हैं और यही वजह है कि साइबर अपराधी यहीं से अपना शिकार ढूंढते हैं। कई बार हम जाने अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिनकी कीमत हमें ठगी या डाटा चोरी के रूप में चुकानी पड़ती है।
फेक लिंक और फ्रॉड विज्ञापनों से बचाव
सोशल मीडिया पर आए दिन कई तरह के विज्ञापन और लिंक दिखाई देते हैं जो पहली नजर में सही लगते हैं लेकिन असल में ये साइबर अपराध का रास्ता होते हैं। अपराधी नकली वेबसाइट्स और आकर्षक ऑफरों के बहाने हमें झांसा देते हैं और जैसे ही हम इन पर क्लिक करते हैं तो हमारी निजी जानकारी उनके पास पहुंच जाती है। इनसे बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि कभी भी किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कोई भी जानकारी बिना जांचे साझा न करें।

मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी
सोशल मीडिया पर सुरक्षित रहने के लिए सबसे पहले अपने अकाउंट का पासवर्ड मजबूत रखें। इसमें बड़े अक्षर छोटे अक्षर नंबर और स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी 2FA को एक्टिव करें ताकि अगर कोई आपके अकाउंट में घुसने की कोशिश करे तो उसे एक और सुरक्षा दीवार का सामना करना पड़े। यह सेटिंग आजकल लगभग सभी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है और इसका इस्तेमाल बहुत जरूरी है।
निजी जानकारी साझा करने से बचें
अक्सर देखा गया है कि लोग लाइक्स और कमेंट्स के चक्कर में अपने मोबाइल नंबर लोकेशन घर का पता और निजी फोटो तक सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं। ऐसा करना खतरे को खुद न्योता देने जैसा है। साइबर अपराधी इन जानकारियों का इस्तेमाल कर आपको ब्लैकमेल या फ्रॉड का शिकार बना सकते हैं। इसलिए अपने निजी जीवन को सोशल मीडिया पर सीमित ही रखें।
प्राइवेसी सेटिंग्स को समझें और इस्तेमाल करें
अगर आप चाहते हैं कि आपकी प्रोफाइल सिर्फ आपके जानकार ही देख सकें तो सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स को सही तरीके से सेट करें। इससे आपकी पोस्ट फोटोज और जानकारी अजनबियों से सुरक्षित रहेगी। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल भी सलाह देता है कि हर यूजर को सोशल मीडिया का उपयोग समझदारी और सतर्कता के साथ करना चाहिए ताकि साइबर अपराध से बचा जा सके।







