रिपोर्ट: नीलेश बियार सिंगरौली
एमपी के सिंगरौली जिले के सरई में आयोजित भव्य रोजगार मेला इस बार सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों का महाकुंभ बनकर सामने आया। बेरोजगारी की चुनौती से जूझ रहे जिले के युवाओं के लिए यह दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था Adani Foundation ने बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर प्रदान किया। सरई में आयोजित रोजगार मेले में अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से 18 निजी संस्थाओं द्वारा नौकरी के लिए 211 युवाओं का चयन किया गया। बंधौरा स्थित पावर प्लांट, धिरौली एवं सुलियारी कोल प्रोजेक्ट के आसपास के गांवों में रहने वाले युवाओं के लिए अदाणी फाउंडेशन द्वारा ग्राम नगवा एवं खनुआ में संचालित स्किल डेवलपमेंट सेंटर से प्रशिक्षित युवाओं एवं महिलाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर था।
इस रोजगार मेले में आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग 5,000 युवाओं ने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जबकि अदाणी समूह के अलावा कई बड़ी कंपनियों एवं अन्य 15 संस्थाओं की मौजूदगी रही। अदाणी फाउंडेशन द्वारा चयनित सहयोगी संस्थाओं ने उम्मीदवारों का चयन उनकी योग्यता एवं कौशल के आधार पर किया। चयनित अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक रूप से ₹15,000 से ₹21,000 प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। अनुभव एवं प्रदर्शन के आधार पर उन्हें आगे और भी बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
जिला प्रशासन का मानना है कि, “रोजगार मेला युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। सरकार एवं निजी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं।”
करसुआलाल गांव की रहने वाली शांतिबाई सिंह ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, “यह अवसर हमारे लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम है। अब हम अपने परिवार का सहारा बन सकेंगे और आगे बेहतर करियर बनाने का सपना पूरा करेंगे।”
उल्लेखनीय है कि अदाणी फाउंडेशन द्वारा खनुआ में संचालित स्किल डेवलपमेंट सेंटर में डेटा एंट्री ऑपरेटर, सिलाई एवं ब्यूटीशियन कोर्स, तथा नगवा स्थित स्किल डेवलपमेंट सेंटर में सिलाई, सिक्की आर्ट, जूट बैग एवं इलेक्ट्रीशियन का निःशुल्क प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाता है। पिछले तीन वर्षों में इन संस्थानों से करीब 600 स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को हुनरमंद बनाया जा चुका है।
निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण एवं अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों ने स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अब किसी सिलाई उद्योग में नौकरी कर रही हैं या फिर घर पर सीलाई मशीन लगाकर परिवार की आय बढ़ा रही हैं। अदाणी फाउंडेशन न केवल कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी निरंतर प्रयासरत है।
अदाणी फाउंडेशन का मानना है कि जब तक प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं एवं युवाओं की नियमित आय सुनिश्चित नहीं होती, तब तक किसी भी रोजगार प्रशिक्षण को सफल नहीं माना जा सकता। इसलिए प्रशिक्षित महिलाओं को उत्पादों की उचित कीमत पर बिक्री एवं बाज़ार से जोड़ने हेतु मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि अदाणी फाउंडेशन द्वारा बंधौरा स्थित पावर प्लांट, धिरौली और सुलियारी खदानों के आसपास के गांवों में स्वरोजगार के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सैकड़ों महिलाएं अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत मशरूम की खेती, सिलाई, सिक्की आर्ट, जैविक खेती, बायोगैस प्लांट, शहद उत्पादन एवं वॉशिंग पाउडर उत्पादन इकाइयों को सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं।







