मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार 12 जुलाई को राज्य की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन से पहले एक खास तोहफा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहना योजना’ के 1.27 करोड़ लाभार्थियों को 250 रुपये का एकमुश्त रक्षाबंधन गिफ्ट दिया जाएगा। यह राशि अगस्त 9 को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन त्योहार से पहले महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। उज्जैन जिले के नलवा गांव में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई और बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है और सरकार हर लाड़ली बहना तक इस स्नेह की भावना को पहुंचाएगी।
अब ₹1500 हर महीने, अक्टूबर से लागू होगा नया लाभ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दौरान यह भी ऐलान किया कि अक्टूबर से ‘लाड़ली बहना योजना’ की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर ₹1500 कर दिया जाएगा। अभी तक यह राशि ₹1250 प्रति माह थी। सरकार की योजना है कि धीरे-धीरे इस राशि को बढ़ाकर ₹3000 किया जाएगा। इस नई बढ़ी हुई राशि का लाभ महिलाओं को भाई दूज यानी 23 अक्टूबर से मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों की आर्थिक स्वतंत्रता सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
बड़ी धनराशि सीधे खातों में ट्रांसफर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को 1543.16 करोड़ रुपये की 26वीं किस्त की राशि उनके बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 30 लाख से अधिक महिलाओं को ₹46.34 करोड़ की गैस सब्सिडी भी दी गई। वहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 56.74 लाख लाभार्थियों को ₹340 करोड़ की राशि भी जारी की गई। यह कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके सम्मान की दिशा में सरकार के मजबूत इरादों का प्रतीक बना।
राजनीतिक असर और लाड़ली बहना योजना की भूमिका
‘लाड़ली बहना योजना’ की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 जून 2023 को की थी और शुरुआत में महिलाओं को ₹1000 प्रतिमाह दिए गए थे। इसके बाद से योजना में कई बार बढ़ोतरी हुई और इसका असर 2023 के विधानसभा चुनावों में भी साफ दिखाई दिया। बीजेपी ने इस योजना के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस योजना को आगे बढ़ाते हुए अब इसे और व्यापक स्वरूप देने का संकल्प लिया है जिससे इसका राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव दोनों गहरा हो सकता है।







