मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पाठक वार्ड क्षेत्र में देर रात एक प्राचीन हनुमान मंदिर के ध्वस्त होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। बताया जा रहा है कि यह मंदिर लगभग 40 वर्ष पुराना था और स्थानीय जनता की आस्था में गहरा जुड़ा हुआ था। मंदिर के गिराए जाने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
रेलवे निर्माण कार्य के दौरान मंदिर गिराया गया
मिली जानकारी के अनुसार यह मंदिर लक्ष्मी पान भंडार के पास स्थित था। रेलवे के निर्माण कार्य के लिए एल एंड टी कंपनी की टीम ने मंदिर को तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के साथ-साथ हनुमान जी की मूर्ति को भी नाले में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन रोड पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
सड़क जाम और जोरदार विरोध प्रदर्शन
भट्टा मोहल्ला से मुदवारा स्टेशन और साउथ रेलवे स्टेशन बाजार तक जाने वाली सड़क पर टायर जलाकर विरोध किया गया। इस वजह से पूरे इलाके में ट्रैफिक ठप हो गया। यह प्रदर्शन तीन घंटे से अधिक समय तक चला। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन और एल एंड टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रशासन की चुप्पी और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल
मंदिर गिराए जाने की सूचना मिलने पर रेलवे एरिया मैनेजर, सीएसपी कटनी और रंगनाथ पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को काबू में करने का प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना है कि मंदिर बिना किसी नोटिस और अनुमति के गिराया गया। यह न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है बल्कि प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करता है। उन्होंने मंदिर के पुनर्निर्माण और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोग भी इस घटना को आस्था पर हमला मानते हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह मंदिर हमारे बच्चों के बड़े होने से भी पुराना था। यहां रोज़ आरती होती थी और सैकड़ों लोग पूजा करने आते थे।” प्रशासन और पुलिस फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं लेकिन तनाव बना हुआ है और प्रदर्शन जारी है। यह मामला एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।







