नीमच में नकली नोट रैकेट का पर्दाफाश | 500 रुपये के जाली नोटों सहित एक आरोपी गिरफ्तार

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Neemuch Breaking News: मध्य प्रदेश के नीमच जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने नकली नोटों के एक सक्रिय रैकेट का पर्दाफाश किया है। नीमच शहर पुलिस ने छापेमारी कर 500 रुपये के नकली नोटों की बड़ी खेप जब्त की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी ईश्वर खारोल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका साथी सुनील बैरागी अभी भी फरार बताया जा रहा है।

मुखबिर की सूचना पर छापा

नीमच शहर थाने के इंचार्ज इंस्पेक्टर पुष्प सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सरजना निवासी ईश्वर खारोल अपने घर पर नकली नोट छापने का काम कर रहा है और जल्द ही उन्हें बाजार में चलाने की तैयारी कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने उसके घर पर छापा मारा।

50 हजार रुपये के जाली नोट जब्त

रेड के दौरान पुलिस ने ईश्वर को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान टीम को 50,000 रुपये मूल्य के 500 रुपये के नकली नोट मिले, जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने घर पर इस अवैध धंधे को बड़े पैमाने पर चला रहा था और तैयार नकली नोट बाजार में खपाने की योजना बना चुका था।

पूछताछ में खुलासा: साथी के साथ मिलकर चल रहा था रैकेट

पूछताछ के दौरान आरोपी ईश्वर खारोल ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथी सुनील बैरागी के साथ मिलकर नकली नोटों की प्रिंटिंग और सप्लाई का काम कर रहा था। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि रैकेट में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।

फरार आरोपी की तलाश तेज

पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम फरार आरोपी सुनील की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली नोटों की सप्लाई किन क्षेत्रों में की गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

पुलिस ने कहा—कड़ी कार्रवाई जारी

इंस्पेक्टर चौहान ने बताया कि यह मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस रैकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार छानबीन कर रही है।

देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

ऋषि श्रृंगी मुनि की तपोभूमि सिंगरौली की पावन धरा से निकला. पठन-पाठन से प्यार था लिहाजा पत्रकारिता से बेहतर पेशा कोई और लगा नहीं. अखबार से शुरु हुआ सफर टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यम में जारी है. इस दौरान करीब 14 साल गुजर गए पता ही नहीं चला. Read More
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