मध्य प्रदेश में अब खुले सेप्टिक टैंक या असुरक्षित बोरवेल के कारण हादसा होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटनाओं में जिम्मेदारी तय करते हुए दोषी अधिकारियों पर निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाए।
ओंकारेश्वर हादसे के बाद लिया गया बड़ा फैसला
सरकार का यह फैसला हाल ही में ओंकारेश्वर में हुई दुर्घटना के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर हादसे की विभागीय जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।




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