मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार ने लड़ाकू पायलटों के हाथ बंधे हुए हैं। राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सरकार की रणनीति को लेकर सरकार की आलोचना की और कहा कि 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को पूरी छूट दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार में ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गलती की है और यह गलती सेना की नहीं बल्कि सरकार की है।
किरण रिजिजू ने राहुल गांधी पर लगाया झूठ बोलने का आरोप
इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झूठ बोलने की भी एक हद होती है और अब भारत के लोग राहुल गांधी को बता देंगे कि ‘अब बस बहुत हो गया’। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी इतनी बार झूठ क्यों बोलते रहते हैं। यह बयान इस बहस को और भी गरमाई में डाल दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर की असली कहानी बताई सेना प्रमुख ने
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर की अंदरूनी कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमें पूरी आजादी दी थी कि हम अपने तरीके से पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करें। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायु सेना ने कम से कम पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान नष्ट किए और एक AWACS भी गिराया। इससे साफ होता है कि सेना को सरकार की तरफ से पूरा समर्थन मिला था।
आईएएफ प्रमुख ने दिए आंकड़े
भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की ताकत और सैन्य कुशलता का परिचायक था। लड़ाकू पायलटों ने साहस दिखाते हुए दुश्मन के कई विमान नष्ट किए। उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन के पीछे सरकार की रणनीति और सेना के बीच बेहतर तालमेल था।
राजनीति में बढ़ा तकरार, जनता की नजरें इस पर
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। जहां राहुल गांधी सरकार की नीति पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सरकार के मंत्री जवाबी कार्रवाई में जुटे हैं। जनता की नजरें इस बहस पर टिकी हैं कि आखिर सच क्या है और किसके पक्ष में तथ्य हैं। यह मामला आगे भी संसद और मीडिया में गर्माता रहेगा।







